पहले राष्ट्रपति का होना था चुनाव नेहरू ने दिया इस नाम का प्रस्ताव जानें क्या थी सरदार पटेल की प्रतिक्रिया
पहले राष्ट्रपति का होना था चुनाव नेहरू ने दिया इस नाम का प्रस्ताव जानें क्या थी सरदार पटेल की प्रतिक्रिया
15 अगस्त 1950 को देश आजाद तो हुआ, लेकिन यह आजादी अधूरी थी. गवर्नमेंट हाउस में अभी भी ब्रिटिश हुकूमत का नुमाइंदा गवर्नर जनरल मौजूद था. आजादी के बावजूद हमारे देश की पहचान तक तक ‘इंडियन डोमिनियन’ की ही थी. सही मायने में हमें 26 जनवरी 1950 को पूरी आजादी मिली और इस संवैधानिक आजादी में 24 जनवरी की भूमिका बेहद अहम है. जानें किस तरह 24 जनवरी 1950 को हमारे देश का इतिहास पूरी तरह से बदल गया.