झलकारीबाई ने लक्ष्मीबाई का रूप धर 1858 में अंग्रेजों को दी चकमा रानी को किला से मिला निकलने का मौका जानें इतिहास

Jhansi History: झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की सहयोगी झलकारी बाई ने 1858 में अंग्रेजों को भ्रमित करने के लिए रानी का रूप धारण किया था, जिससे रानी को किले से निकलने का मौका मिला. झलकारी बाई रानी लक्ष्मीबाई की भरोसेमंद सेविका और सहयोगी थीं. रानी के झांसी आने के बाद झलकारी बाई भी उनसे जुड़ीं और धीरे-धीरे उनका भरोसा जीत लिया. झलकारी बाई के पति पूरन कोरी झांसी की सेना में सैनिक थे झलकारी बाई को भी हथियार चलाने और युद्ध की तैयारी का अभ्यास था इसी वजह से वह रानी की महिला सैनिक टुकड़ी दुर्गा दल से जुड़ी थीं.

झलकारीबाई ने लक्ष्मीबाई का रूप धर 1858 में अंग्रेजों को दी चकमा रानी को किला से मिला निकलने का मौका जानें इतिहास