छक्का-हिजड़ा कहने वाले अब इज्जत से जोड़ते हैं हाथ मिलिए कोल्हापुर की जांबाज ट्रांसवुमेन रेस्क्यू स्क्वाड से
कोल्हापुर में पहली ट्रांसवुमन रेस्क्यू स्क्वाड बनाई गई है. जिसमें 15 किन्नरों को आपदा राहत कार्य में कुशल बनाया गया है. आज ये बाढ़ से लेकर किसी भी आपदा में लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. पहले जो लोग इन्हें तिरस्कार की भावना से देखते थे, अब वे उनका सम्मान करते नहीं थक रहे.