शादी के बाद इस महीने मायके जाना हो सकता है घातककाशी के ज्योतिषी ने दी चेतावनी

पंडित संजय उपाध्याय ने बताया कि वैसे तो चैत्र महीना देवी उपासना के लिए बेहद शुभ है. इस महीने में शक्ति की आराधना होती है लेकिन इस महीने के लिए विवाह मार्तंड में नवविवाहिता के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं.

शादी के बाद इस महीने मायके जाना हो सकता है घातककाशी के ज्योतिषी ने दी चेतावनी
वाराणसी : शादी एक पवित्र रिश्ता है. इस पवित्र रिश्ते के बंधन में दो परिवार बंध जाते हैं . अक्सर नवविवाहिता शादी के बाद कभी मायके तो कभी ससुराल का रूख करती है. लेकिन कुछ ऐसे समय और ऐसे महीने भी होते हैं जब नवविवाहिता को अपने मायके से तौबा करना चाहिए. इससे सीधे तौर पर उसके पिता को हानि होती है. मुहूर्त चिंतामणि और मुहूर्त मार्तण्ड धर्म ग्रंथ में इसका विस्तार से उल्लेख है. काशी के ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय ने बताया कि शादी के पहले साल नवविवाहिता दंपति और उनके परिजनों को कई बातों का ख्याल रखना चाहिए. इससे ससुराल और मायके पक्ष पर आने वाली आफत दूर हो सकती है. चैत्र महीने में करें मायके से तौबा पंडित संजय उपाध्याय ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र से जुड़े मुहूर्त मार्तण्ड के अनुसार,विवाह के बाद पहले चैत्र महीने में बेटी को अपने मायके में नहीं रहना चाहिए.इससे उसके पिता को हानि होती है. यह हानि कई तरह की हो सकती है. यदि चैत्र महीने में बेटी ससुराल से मायके आ जाए तो पिता को मानसिक और शारीरिक कष्ट हो सकते हैं. इसके अलावा उन्हें आर्थिक हानि भी हो सकती है. इतना ही नहीं ऐसी स्थिति में उनके परिवार में अनबन भी हो सकता है. तो ऐसे में नवविवाहिता को शादी के पहले साल के भीतर पड़ने वाले चैत्र के माह में अपने मायके भूलकर भी नहीं जाना चाहिए. विवाह मार्तंड में है नियमों की चर्चा पंडित संजय उपाध्याय ने बताया कि वैसे तो चैत्र महीना देवी उपासना के लिए बेहद शुभ है. इस महीने में शक्ति की आराधना होती है लेकिन इस महीने के लिए विवाह मार्तंड में नवविवाहिता के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं. Tags: Dharma Aastha, Local18, Religion 18, Uttar Pradesh News Hindi, Varanasi newsFIRST PUBLISHED : June 28, 2024, 13:29 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ेंDisclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.
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