35 रुपये का चूजा बना कमाई की चाबी किसान ने खड़ा किया लाख रुपये महीना वाला मॉडल
कोडरमा जिले के मसनोडीह गांव के सुमन लाल मेहता ने मजदूरी छोड़कर मुर्गा पालन का व्यवसाय शुरू किया और आज सफल उद्यमी बन गए हैं. पहले वे दूसरे राज्यों में मजदूरी कर हर महीने 15 से 20 हजार रुपये कमाते थे. प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने गांव में 15 हजार वर्ग फीट का शेड बनाकर करीब 10 हजार मुर्गों का पालन शुरू किया. एक चूजे को तैयार करने में 35 से 40 दिन लगते हैं. सुमन बताते हैं कि सभी खर्च निकालने के बाद उन्हें हर मुर्गे पर करीब 10 रुपये का लाभ होता है. इससे उनकी मासिक कमाई करीब एक लाख रुपये तक पहुंच गई है. अब वे युवाओं को स्वरोजगार अपनाने की सलाह देते हैं.