चूल्हे की खुशबू और साग का स्वाद ठंड में देसी खाने का उठाएं मजा स्वाद और सेहत दोनों रहेगा मस्त
चूल्हे की खुशबू और साग का स्वाद ठंड में देसी खाने का उठाएं मजा स्वाद और सेहत दोनों रहेगा मस्त
Bathua-mustard greens: ठंड का मौसम आते ही देसी रसोई की खुशबू और स्वाद दोनों बदल जाते है. हल्की धूप, ठंडी सुबह और चूल्हे पर चढ़ा सर्दी स्पेशल साग मन को सुकून दे देता है. यह साग सिर्फ एक सब्जी नहीं, बल्कि खेतों, मिट्टी और बचपन की यादों से जुड़ा स्वाद है. वरिष्ठ नागरिक मधुसूदन सिंह बताते है कि सर्दियों में बनने वाला यह पारंपरिक साग स्वाद के साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. इस साग को बनाने के लिए बथुआ, चना और सरसों के ताजे पत्तों को साफ कर काट लिया जाता है. महिला निक्की के अनुसार साग अपना पानी खुद छोड़ता है. इसलिए अतिरिक्त पानी की जरूरत नहीं होती. उबालने के बाद इसमें सरसों का तेल, नमक, लहसुन और हरी मिर्च मिलाकर तैयार साग रोटी या चावल के साथ खास आनंद देता है.