आजादी की एक लड़ाई ऐसी भी अंग्रेजों के महंगे बिस्कुट को जवाब देने के लिए बना था देसी ब्रांड Parle-G

Parle-G Success Story : सुबह-शाम की चाय हो या ऑफिस का ब्रेक. पारले-जी के प्रोडक्ट बच्चों से लेकर बड़े-बूढ़ों तक की पसंद बन चुके हैं. वैसे तो आपने भी पारले बिस्कुट बहुत बार खाया होगा, लेकिन कभी सोचा है कि इसका नाम पारले क्यों पड़ा. आजादी से पहले शुरू हुआ यह ब्रांड आज भी दमदार तरीके से अपना कारोबार कैसे कर रहा है, जबकि इस दौरान हजारों कंपनियां बनीं और खत्म हो गईं.

आजादी की एक लड़ाई ऐसी भी अंग्रेजों के महंगे बिस्कुट को जवाब देने के लिए बना था देसी ब्रांड Parle-G