सालाना कमाएं 5 लाख का मोटा मुनाफा बिना किसी लागत के तैयार करें ये नर्सरी
सालाना कमाएं 5 लाख का मोटा मुनाफा बिना किसी लागत के तैयार करें ये नर्सरी
महिलाएं खुद की नर्सरी में काम करके मजदूरी लें और नर्सरी उत्पादन से होने वाली कमाई का भी पूरा मुनाफा खुद कमाए इसके लिए महिलाएं ग्राम पंचायत में संपर्क कर सीधे आवेदन दें सकती हैं.
अंजू प्रजापति/रामपुर. ग्रामीण आजीविका मिशन के समूह की महिलाओं के लिए मनरेगा योजना तरक्की के लिए हथियार बन रही है. राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास के कारण महिलाओं के परिवार के जीवन स्तर में काफी सुधार होगा और वह आत्मनिर्भर और सशक्त बन पाएंगी. जिले में बागवानी और पौधा तैयार करने के लिए महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वह प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने लिए आय का जरिया बना सके.
मनरेेगा योजना के अंतर्गत पौधरोपण, उद्यानीकरण के साथ नर्सरी तैयार करा कर आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं. महिलाएं खुद की नर्सरी में काम करके मजदूरी लें और नर्सरी उत्पादन से होने वाली कमाई का भी पूरा मुनाफा खुद कमाए इसके लिए महिलाएं ग्राम पंचायत में संपर्क कर सीधे आवेदन दें सकती हैं.
4 से 5 लाख रुपये का मुनाफा
मनरेगा उपयुक्त मंशाराम यादव के मुताबिक स्वयं सहायता समूहों को जोड़ कर समूह की महिलाओं को रोजगार देने का काम हो रहा है. इसमें महिलाओं द्वारा दोहरा लाभ उठाया जा सकता है. एक तो मनरेगा योजना से निजी जमीन पर पौधारोपण कराया जा रहा है जिसमें एसएचजी की महिलाएं व्यक्तिगत लाभार्थिक रूप में इस साल अपनी भूमि पर पौधारोपण करा कर जीरो लागत में अधिक लाभ कमा सकती है दूसरा एसएचजी से जुड़ी महिलाएं नर्सरी तैयार कर सालाना 4 से 5 लाख रुपये का मुनाफा कमा सकती हैं.
मुफ्त पौधा
इसके लिए मनरेगा की ओर से बड़े-बड़े हव जैसे लखनऊ, पंतनगर या मदिहाबाद से किलोग्राम के हिसाब से बीज उपलब्ध करा देते हैं. जिससे काफी अच्छा प्रोडक्शन नर्सरी में होता है इसके जरिये समूहों को सीधे रोजगार उपलब्ध हो रहा है. मनरेगा योजना द्वारा महिलाओं को मुफ्त पौधा दिया जाएगा नर्सरी और पौधे की कीमत किसी काश्तकार को नहीं देनी पड़ती बल्कि उसकी कीमत प्रॉजेक्ट के हिसाब से मनरेगा के अंतर्गत भुगतान होती है
Tags: Agriculture, Local18FIRST PUBLISHED : May 15, 2024, 11:20 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed