Pitru Paksha: पितृ पक्ष में श्राद्ध और पिंडदान के दौरान कुशा धारण करने का जानें महत्व पितर होते हैं प्रसन्न

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष के समय पिंडदान और तर्पण जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए मन और शरीर का शुद्ध होना बेहद जरूरी है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुशा की घास को पवित्र माना जाता है.अलग अलग तरह के कई धार्मिक अनुष्ठानों में इसका प्रयोग होता है. इसी घास से तैयार किए अंगूठी को पवित्री कहते है. जिसे तर्पण के दौरान दाएं हाथ के अनामिका उंगली में धारण किया जाता है. जिससे शरीर का शुद्धि बनी रहती है.

Pitru Paksha: पितृ पक्ष में श्राद्ध और पिंडदान के दौरान कुशा धारण करने का जानें महत्व पितर होते हैं प्रसन्न