कारगिल युद्ध में आजमगढ़ के रामसमुझ यादव 22वें जन्मदिन पर हुए थे शहीद 21 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया जानें शौर्य गाथा
कारगिल युद्ध में आजमगढ़ के रामसमुझ यादव 22वें जन्मदिन पर हुए थे शहीद 21 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया जानें शौर्य गाथा
कारगिल युद्ध 30 अगस्त 1999 के दिन शून्य से नीचे तापमान और बर्फीली पहाड़ियों के बीच रामसमुझ यादव और उनके साथियों ने दुश्मनों पर धावा बोल दिया. महज 22 साल की उम्र में अपने जज्बे और अदम्य साहस का परिचय देते हुए उन्होंने लगभग 21 पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर कर दिया था, और चोटी को दुश्मनों के कब्जे से छुड़ाकर तिरंगा लहराया था. लेकिन इस घमासान युद्ध में वह गंभीर रूप से घायल हुए और वीरगति को प्राप्त हो गए.