किधर जा रहा ममता बनर्जी का रास्ता 15 साल का राज गंवाने के बाद अब लेफ्ट-कांग्रेस संग नई सियासी गोलबंदी

पश्चिम बंगाल की सत्ता से बेदखल होने और 15 साल लंबे शासन के खात्मे के बाद तृणमूल की संस्थापक ममता बनर्जी ने अगले महीने होने वाले विधानसभा उपचुनावों से दूरी बनाकर सबको चौंका दिया है. करीबियों के लगातार दबाव के बावजूद चुनावी मैदान में न उतरने के उनके इस कदम ने राज्य के सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है. बीजेपी की ऐतिहासिक जीत और कभी अपने ही खास रहे सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद 71 वर्षीय ममता अब अपनी ऊर्जा संगठन को दोबारा खड़ा करने और विपक्षी इंडिया ब्लॉक को एकजुट करने में लगाना चाहती हैं.

किधर जा रहा ममता बनर्जी का रास्ता 15 साल का राज गंवाने के बाद अब लेफ्ट-कांग्रेस संग नई सियासी गोलबंदी