अखिलेश-ओवैसी साथ आए तो बदल जाएगी यूपी की सियासत मुस्लिम वोट बंटा तो किसका होगा फायदा

उत्तर प्रदेश में सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहे समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव इस बार नए सियासी समीकरणों पर नजर रखे हुए हैं. चर्चा है कि समाजवादी पार्टी, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के साथ संभावित गठबंधन पर विचार कर सकती है. समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर ने संकेत दिए हैं कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की लड़ाई में जो भी साथ आएगा, उसका स्वागत किया जाएगा. वहीं, एआईएमआईएम के महाराष्ट्र और बिहार में प्रदर्शन के बाद सपा की चिंता बढ़ी है, क्योंकि ओवैसी की पार्टी मुस्लिम वोट बैंक में मजबूत पकड़ बना रही है.हालांकि एआईएमआईएम के प्रवक्ता आसिम वकार ने गठबंधन की खबरों को भ्रामक बताया है. इसके बावजूद सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हैं. यूपी में मुस्लिम मतदाता करीब 20 फीसदी हैं और 143 सीटों पर उनका सीधा असर माना जाता है. बिहार और महाराष्ट्र के चुनावों ने यह साफ किया है कि मुस्लिम वोटर नए विकल्प तलाश रहे हैं. पश्चिम बंगाल और असम में भी ओवैसी के साथ गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही हैं. ऐसे में विपक्षी दलों को मुस्लिम वोट बंटने का डर सता रहा है. अब बड़ा सवाल यही है कि बीजेपी को हराने के लिए क्या ओवैसी और तथाकथित सेक्युलर दल एक मंच पर आएंगे या सियासी दूरियां बनी रहेंगी.

अखिलेश-ओवैसी साथ आए तो बदल जाएगी यूपी की सियासत मुस्लिम वोट बंटा तो किसका होगा फायदा