Mahabharat: क्या भीम की देन है सांबर रसोइए के तौर बनाए थे कौन से नए व्यंजन

Mahabharat Katha: महाभारत के भीम ना अच्छा खाने के शौकीन थे बल्कि उन्हें बढ़िया खाना बनाना भी आता था. उन्होंने अपने समय में कई नई डिशेज बनाईं, जो आज भी चाव से खाई जाती हैं.

Mahabharat: क्या भीम की देन है सांबर रसोइए के तौर बनाए थे कौन से नए व्यंजन
हाइलाइट्स भीम खाना बनाने की कला शायद मां कुंती और द्रौपदी से सीखी थी वनवास के दौरान उन्होंने पांडवों को एक से एक खाना बनाकर खिलाया विराट के राजमहल में वह रसोई के प्रभारी थे और लजीज खाना बनाते थे साउथ इंडियन खानों में सांबर तो होता ही होता है. ये वहां सबसे पापुलर व्यंजन है. डोसा हो या इडली या उत्तपम – सबके साथ सांबर परोसा जाता है. जो खट्टी सी दाल है, जिसमें सभी सब्जियां मिली होती हैं. कहा जाता है कि इस विशिष्ट दाल को बनाने का काम सबसे पहले भीम ने किया था. तब जबकि पांडव वनवास के दिन बिता रहे थे. वैसे भीम गजब के कुक थे. कहते हैं वो बहुत स्वादिष्ट खाना बनाते थे. वह इतने पारंगत कुक थे कि अकेले दम पर पूरी बारात का खाना बना सकते थे. चलिए पहले सांबर के बारे में जान लेते हैं. कोई भी दक्षिण भारतीय व्यंजन सांभर बगैर अधूरा है. जैसे चोली-दामन का साथ होता है, वैसा ही कुछ सांभर और दक्षिण भारतीय व्यंजनों की स्थिति है. लिहाजा खाने के लिहाज से सांबर की उत्पत्ति भारतीय खान-पान की सबसे बड़ी खोज थी. इसे लेकर कई तरह की कहानियां हैं. कुछ लोग कहते हैं कि ये साउथ इंडिया पैदा हुआ तो कुछ लोग इसका कनेक्शन मराठा शासक संभाजी को देते हैं. सांबर क्या पहली बार भीम ने बनाया तो सांबर का नाम भीम से कैसे जुड़ गया. ये स्पष्ट नहीं है कि सांबर की शुरुआत भीम ने की थी या नहीं. एक लोककथा कहती है कि सांबर को भीम ने बनाया था. जब पांडव अपने वनवास के दौरान दक्षिण भारत पहुंचे तो वहां भीम ने जंगल में उपलब्ध सामग्रियों से सांबर बनाया था. ये कहा जाता है कि भीम जब अपने भाइयों के साथ वनवास में थे, तो खाना बनाने के दौरान उन्होंने इस कई नए व्यंजनोें को ईजाद किया. (image generated by Leonardo AI) जब भीम ने इस व्यंजन को परोसा तो वाह – वाह होने लगा यह कहानी सांबर के इतिहास को रोचक बनाने के लिए सुनाई जाती है. इसका कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है. सांबर वास्तव में दक्षिण भारतीय व्यंजन है, जिसमें इमली, दाल और सब्जियों का उपयोग होता है. लेकिन ये तो सही है कि भीम का नाम साउथ इंडिया के एक ऐसे व्यंजन से जरूर जुड़ा है तो सांबर की ही तरह है और इसे भीम ने जब बनाकर परोसा तो खाने वाले वाह-वाह कर उठे. अवियल को भीम ने अज्ञातवास में तैयार किया इस व्यंजन का नाम अवियल (Avial) है. ये प्रमुख दक्षिण भारतीय व्यंजन है, जो विशेष रूप से केरल और तमिलनाडु में प्रसिद्ध है. यह व्यंजन विभिन्न प्रकार की सब्जियों, नारियल, दही और मसालों के साथ तैयार किया जाता है. महाभारत की कुछ लोककथाओं में कहा जाता है कि भीम ने अज्ञातवास के दौरान यह व्यंजन तैयार किया था. महाभारत में उल्लेख है कि दही और सब्जियों को मिलाकर बनाया जाने वाला सुस्वादु व्यंजन अवियल सबसे पहले भीम ने बनाया था. (image generated by Leonardo AI) इस व्यंजन का उल्लेख महाभारत में भी अवियल का उल्लेख महाभारत में भी मिलता है, जहां इसे भीम द्वारा बनाए गए व्यंजनों में एक माना जाता है. कहा जाता है कि भीम ने इस व्यंजन को तब बनाया था जब उन्होंने अपने भाइयों के लिए खाना तैयार किया था. कैसे तैयार हुआ ये व्यंजन ये भी कहा जाता है कि इमली और नारियल की ग्रेवी में सब्जियों का मिश्रण अवियल भीम ने राजा विराट की रसोई में बनाया था. कुछ लोग कहते हैं कि वनवास के दौरान जब वह अप्रत्याशित मेहमानों के लिए खाना बना रहे थे, तब उन्होंने यह व्यंजन तैयार किया. अवियल निश्चित रूप से भारतीय पाक कला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसे भीम की देन के रूप में देखा जाता है. इस व्यंजन का मुख्य आकर्षण इसकी विविधता और स्वास्थ्यवर्धक सामग्री है, जो इसे खास बनाती है. पांडव जब अज्ञातवास में विराट नगरी पहुंचे तो वहां भीम राजमहल की रसोई के मुख्य रसोइया बन गए. वहां उनके बनाए खाने बहुत लजीज होते थे. (image generated by Leonardo AI) कहा जाता है कि जब पांडव वनवास के दौरान केरल पहुंचे, तो वहां के एक रसोइए ने भीम को यह व्यंजन तैयार करने की विधि सिखाई थी. फिर भीम ने इसमें कुछ और बदलाव किए. इसे आमतौर पर चावल के साथ परोसा जाता है. भीम परफेक्ट कुक थे  महाभारत की कथाओं में भीम को एक कुशल रसोइया बताया गया है, खासकर उनके अज्ञातवास के दौरान. तब वह विराट के राजमहल में बल्लभ नाम से रसोइया बन गए था. राजमहल की रसोई का जिम्मा उनके ऊपर आ गया था. वहां वह रोज ऐसा कुछ पकाते थे कि राजमहल के लोग अपनी अंगुलियां चाटते नजर आते थे. उन्होंने विभिन्न अवसरों पर विराट के दरबार में शानदार भोज तैयार किए, जिससे उनकी ख्याति रसोइए के रूप में बढ़ी. रसोई में क्रिएटिविटी दिखाते थे .भीम अपने भाइयों और मेहमानों के लिए खाना बनाने में बहुत कुशल थे. महाभारत के दौरान वह रसोई में काफी रचनात्मकता दिखाते थे. कई प्रकार के व्यंजन तैयार करते थे. उनके द्वारा बनाए गए भोजन में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार के व्यंजन शामिल होते थे. भीम ने खिचड़ी को और लजीज बनाया लोककथाओं में यह माना जाता है कि भीम ने खिचड़ी जैसे व्यंजन को लोकप्रिय बनाया. उन्होंने अलग-अलग दाल, चावल, और मसालों को मिलाकर एक सरल लेकिन स्वादिष्ट पकवान बनाया, जिसे खिचड़ी कहा जाता है. लड्डू का आविष्कार किया कुछ लोककथाओं में यह कहा जाता है कि भीम ने प्रसाद के रूप में लड्डू बनाए. वह ताकतवर और बलवान थे, इसलिए उन्होंने ऊर्जा से भरपूर और स्वादिष्ट मिठाई तैयार की. दावतों का आयोजन भीम अपनी भव्यता और ताकत के लिए जाने जाते थे. उनकी रसोई में हर चीज बड़ी मात्रा में बनती थी. उनका खाना पकाने का तरीका राजा-महाराजाओं के लिए आदर्श बन गया. इसमें कोई शक नहीं भारतीय पाकशाला के पहले पुरोधा भीम ही थे. किससे सीखी खाना बनाने कला कुछ लोककथाओं में कहा जाता है कि भीम ने अपनी माँ कुंती या द्रौपदी से खाना पकाने की प्रारंभिक शिक्षा ली होगी. द्रौपदी खुद भी पाक-कला में कुशल थीं. खीर भी स्वादिष्ट बनाते थे महाभारत काल में खीर बहुत चाव से खाई जाती है. भीम इसे बनाने में निपुण थे. वो कई तरह की खीर बनाते थे. इसे चावल, दूध और गुड़ या शहद से बनाया जाता था. खीर दक्षिण भारत में पायसम और उत्तर भारत में खीर के रूप में प्रसिद्ध है. Tags: Food, Food Recipe, Food Stories, MahabharatFIRST PUBLISHED : December 3, 2024, 12:40 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें
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