मां को आतंकी कहने में शर्म बेटी हिंदुत्व को बता रही बीमारी कैसी पॉलिटिक्स
मां को आतंकी कहने में शर्म बेटी हिंदुत्व को बता रही बीमारी कैसी पॉलिटिक्स
Iltija Mufti: महबूबा परिवार के कई समर्थक कट्टरपंथी विचारधारा वाले हैं. ऐसे में महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती द्वारा हिंदुत्व को "बीमारी" कहना राजनीति रूप से उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं. उनकी मां ने भी कई बार आतंकियों के लिए उग्रवादियों शब्द का इस्तेमाल किया है.
नई दिल्ली: हाल ही में, कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उनके परिवार के बयानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती द्वारा हिंदुत्व को “बीमारी” कहने जैसे बयानों ने देश भर में विवाद पैदा कर दिया है. विवादों से इस परिवार का पुराना नाता रहा है.
इल्तिजा की मां महबूबा मुफ्ती कई बार विवादित बया दे चुकी हैं. जम्मू कश्मीर में अक्टूबर में उमर अबुल्ला की सरकार बनने के बाद जब कश्मीर में आतंकी हमले हुए तो महबूबा ने शब्दों का खेल खेला. और उन्होंने ‘आतंकी’ शब्द लिखने तक से परहेज किया. कश्मीर में अक्टूबर में हुए आतंकी हमले को लेकर उन्होंने निंदा तो की थी लेकिन उन्होंने इसे आतंकी हमले की जगह उग्रवादी हमला बताया था.
हिंदुत्व को “बीमारी” कहने के पीछे क्या मानसिकता?
इल्तिजा मुफ्ती द्वारा हिंदुत्व को “बीमारी” कहना एक बेहद विवादास्पद बयान है. इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि महबूबा परिवार हिंदुत्व को एक राजनीतिक विचारधारा के रूप में नहीं बल्कि एक धार्मिक समुदाय के खिलाफ एक हमले के रूप में देखता है. यह बयान न केवल हिंदुओं की भावनाओं को आहत करता है बल्कि देश की एकता और अखंडता को भी कमजोर करता है.
बताते चलें कि महबूबा मुफ्ती, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख हैं. उनका परिवार कश्मीर की राजनीति में कई दशकों से सक्रिय रहा है. महबूबा मुफ्ती को अक्सर एक कद्दावर नेता के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने कश्मीर की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. महबूबा परिवार हमेशा से कश्मीर को भारत से अलग पहचान देने की कोशिश करता रहा है. उनके बयानों से समझा जा सकता है कि वह हिंदुत्व को निशाना बनाकर वे कश्मीरी मुसलमानों में एकजुटता लाने की कोशिश कर रहे हैं.
मालूम हो कि विवादित बयानों से मीडिया का ध्यान आकर्षित करना और राजनीतिक लाभ उठाना एक आम रणनीति है. महबूबा परिवार के कई समर्थक कट्टरपंथी विचारधारा वाले हैं. ऐसे में इन बयानों से वे अपने समर्थकों को खुश करने के लिए भी इस तरह के बयान देते हैं.
हालांकि इन बयान से कई तरह के सवाल भी उठते हैं. सवाल उठता है कि क्या इस तरह के बयानों से कश्मीर में शांति और सद्भाव कायम हो सकता है? क्या महबूबा परिवार के ये बयान कश्मीर की राजनीति को और जटिल बना रहे हैं? क्या इस तरह के बयानों से कश्मीरी पंडितों की भावनाएं आहत नहीं होंगी? महबूबा परिवार के ये बयान कश्मीर की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकते हैं. यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में इस मामले में क्या होता है.
Tags: Jammu kashmir, Mehbooba muftiFIRST PUBLISHED : December 8, 2024, 12:21 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed