कौन थे जस्टिस MS Librahan 17 साल तक की बाबरी मस्जिद केस की जांच रिपोर्ट में राम मंदिर निर्माण में थी कोई भूमिका

जस्टिस लिब्राहन आयोग ने 6 दिसंबर, 1992 को कार सेवकों द्वारा बाबरी मस्जिद गिराए जाने की घटना पर लगभग 17 साल बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी. यह भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक चलने वाले जांच आयोगों में से एक बना. कमीशन ने साल 2009 में 1000 पन्नो की रिपोर्ट सौंपी थी. इसमें रिपोर्ट में क्या था? रिपोर्ट आने के बाद 10 साल बाद राम मंदिर बनने के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया.

कौन थे जस्टिस MS Librahan 17 साल तक की बाबरी मस्जिद केस की जांच रिपोर्ट में राम मंदिर निर्माण में थी कोई भूमिका