कितना जरूरी है शिखर बाबुओं को एक्सटेंशन देना अनुभव की मजबूरी या नए अफसरों से नाइंसाफी
कितना जरूरी है शिखर बाबुओं को एक्सटेंशन देना अनुभव की मजबूरी या नए अफसरों से नाइंसाफी
केंद्र सरकार में शीर्ष प्रशासनिक पदों पर बैठे अफसरों को सेवा विस्तार देने की परंपरा एक बार फिर बहस के केंद्र में है. कैबिनेट सचिव, गृह सचिव और जांच एजेंसियों के प्रमुखों को एक्सटेंशन मिलने के पीछे सरकार अनुभव और प्रशासनिक निरंतरता का तर्क देती है. संवेदनशील पदों पर लंबे समय तक काम करने वाले अधिकारियों की संस्थागत समझ कई मामलों में उपयोगी हो सकती है. लेकिन दूसरी तरफ सवाल यह है कि बार-बार एक्सटेंशन मिलने से नीचे के अफसरों के प्रमोशन और करियर की संभावनाएं कितनी प्रभावित होती हैं. क्या सेवा विस्तार वास्तव में जनहित की जरूरत है या इससे सिस्टम में नई पीढ़ी के लिए जगह कम होती है?