खरगे साहब किया है तो सुनना पड़ेगा संविधान पर चर्चा के वक्त शाह क्‍यों बरसे

Parliament Winter Session: संसद के शीतकालीन सत्र में राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है. शाह ने कहा कि संविधान को जितना नुकसान कांग्रेस ने पहुंचाया है, उतना किसी और ने नहीं पहुंचाया है.

खरगे साहब किया है तो सुनना पड़ेगा संविधान पर चर्चा के वक्त शाह क्‍यों बरसे
नई दिल्ली. राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के वक्त गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला. मगर उसी वक्त कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने टोकाटोकी की कोशिश. इस पर अमित शाह ने जबरदस्त तेवर दिखाते हुए कहा कि अगर आपने संविधान के साथ वो सब कुछ किया है तो आपको हमारी बात को सुनना पड़ेगा. किया है तो सुनना पड़ेगा, हिम्मत के साथ सुनना पड़ेगा. अमित शाह ने कहा कि आपने क्या किया? 42वें संविधान संशोधन से लोकसभा का कार्यकाल बढ़ाकर 5 से 6 साल कर दिया. इतनी निर्लज्जता के साथ विश्व मे कोई संशोधन नहीं हुआ होगा. अमित शाह ने कहा कि कुछ कानून पारित करने होते थे, तो कोरम नहीं होता था. फरवरी 1 को संविधान संशोधन किया कि संविधान संशोधन मे कोरम की आवश्यकता नहीं है. कांग्रेस ने राष्ट्रपति शासन की अवधी 6 महिने तक बढ़ा दी. अमित शाह ने कहा कि मैं समझ रहा हूं कि क्यों गुस्सा आ रहा है. अमित शाह ने कहा कि हमारे संविधान की रचना के बाद डाक्टर अंबेडगर ने एक वाक्य कहा था कि कोई संविधान कितना भी अच्छा हो वो बुरा हो सकता है, अगर जिन लोगो पर उसे चलाने की जिम्मेदारी है, वो अच्छे नहीं हों. अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नेता 54 साल की उम्र में खुद को युवा कहते घूमते रहते हैं. वो संविधान बदल देंगे, ऐसा कहते रहते हैं. जबकि संविधान बदलने का प्रोविजन संविधान में ही है. बीजेपी ने 16 साल राज किया, 16 साल में हमने 22 बार संविधान मे परिवर्तन किया. कांग्रेस ने 55 साल मे 77 परिवर्तन किये. बीजेपी और काग्रेस दोनों ने परिवर्तन किये. ये संसोधन कैसे थे, परिवर्तन का उद्देश्य क्या था, क्या लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए किये गये? इससे ही पार्टी के कैरेक्टर और पार्टी का संविधान में विश्वास सबको मालूम पड़ता है. Sansad LIVE: संविधान लहराने का मुद्दा नहीं, संविधान विश्वास और श्रद्धा है… अमित शाह ने राहुल पर बोला हमला अमित शाह ने कहा कि 24वें सविधान संशोधन के समय पीएम इंदिरा थीं. संविधान संसोधन के जरिये नागरिको के मौलिक अधिकार कम करने का अधिकार संसद को दिया गया. काले अक्षरों से इसका जिक्र करना पड़ेगा. इसके साथ ही अमित शाह ने इमरजेंसी लगाने के लिए इंदिरा गांधी और कांग्रेस को घेरा. इसके साथ अमित शाह ने ईवीएम पर सवाल उठाने के लिए राहुल गांधी की आलोचना भी की. Tags: Amit Sadh, BJP, Constitution of India, Mallikarjun khargeFIRST PUBLISHED : December 17, 2024, 20:47 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें
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