गोवा की सुनसान सड़क रात का सन्नाटा रुस की अनजान महिला टूरिस्ट का खामोश डर! फिर बिहार की बेटी बनी फरिश्ता

Inspirational story : 'सर्वे भवंतु सुखिन:. सर्वे संतु निरामया.' और 'वसुधैव कुटुंबकम्' की भारतीय परंपरा सिर्फ श्लोकों तक सीमित नहीं है, बल्कि आज भी आम भारतीयों के व्यवहार में जीवंत है. गोवा की सुनसान सड़क पर बिहार की एक बेटी ने यही साबित कर दिखाया है. समस्तीपुर की सिंधु राय की यह कहानी न सिर्फ इंसानियत की मिसाल है, बल्कि देश, बिहार और मिथिला क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा करने वाली है.

गोवा की सुनसान सड़क रात का सन्नाटा रुस की अनजान महिला टूरिस्ट का खामोश डर! फिर बिहार की बेटी बनी फरिश्ता