Dharohar: 300 साल पुराना दुर्ग वीरों की गाथाएं और संतों की तपस्थली रूपगढ़ का इतिहास है बेहद खास

Shekhawati Historical Heritage: सीकर जिले की अरावली पर्वतमाला के बीच बसा रूपगढ़ गांव इतिहास, वीरता और आध्यात्मिक आस्था का अनूठा संगम है. खूड़ ठिकाने के ठाकुर रूपसिंह शेखावत द्वारा स्थापित यह गांव कभी युद्धकाल में खूड़ ठिकाने की राजधानी के रूप में उपयोग किया जाता था. पहाड़ी पर बना प्राचीन दुर्ग शत्रुओं की गतिविधियों पर नजर रखने और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण था. रूपसिंह शेखावत और उनके पुत्र अजीत सिंह की वीरगाथाएं आज भी स्थानीय इतिहास का हिस्सा हैं. वहीं गाबली बाबा धाम धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, जो गांव की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाता है.

Dharohar: 300 साल पुराना दुर्ग वीरों की गाथाएं और संतों की तपस्थली रूपगढ़ का इतिहास है बेहद खास