खरीफ सीजन से पहले कर लें खेत का ‘ब्लड टेस्ट’ बढ़ेगा उत्पादन और घटेगी खाद की लागत

कृषि सलाहकार नवनीत रेवापाटी के अनुसार, किसानों को सबसे पहले अपनी मिट्टी का टेस्ट करवाना चाहिए और कृषि विभाग के विशेषज्ञों से यह समझना चाहिए कि खेत में पहले कौन-सी फसल ली गई थी और अब कौन-सी फसल बोनी है. इसी आधार पर सही खाद और उर्वरक का चयन करना चाहिए. मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए: बारिश के समय मिट्टी में पोषक तत्वों को संतुलित कर उसे फिर से उपजाऊ बनाया जा सकता है. कीट और रोग नियंत्रण: गहरी जुताई करने से मिट्टी के अंदर छिपे कीट और रोगकारक तेज धूप में नष्ट हो जाते हैं.

खरीफ सीजन से पहले कर लें खेत का ‘ब्लड टेस्ट’ बढ़ेगा उत्पादन और घटेगी खाद की लागत