बरसात के मौसम में 100 रुपये खर्च कर उगाएं कोचई 25 किलो तक मिलेगा उत्पादनजानें जैविक खेती का तरीका

बस्तर के किसान फरसु कश्यप बताते हैं कि सबसे पहले फावड़ा से गड्ढा खोदना है. इसके बाद गोबर खाद डालकर कांदा को लगा देना है. इसे अलग से पानी देने की जरूरत नहीं होती है. यह बरसात के पानी में अच्छा उग जाता है. लगभग एक महीने से डेढ़ महीने में इसके पत्ते बड़े होने लगते हैं, जिन्हें सब्जी के रूप में बनाया जा सकता है.

बरसात के मौसम में 100 रुपये खर्च कर उगाएं कोचई 25 किलो तक मिलेगा उत्पादनजानें जैविक खेती का तरीका