थार में अफ्रीका की यह फसल बदल सकती है किसानों की किस्मत कम पानी में ज्यादा मुनाफा

पश्चिमी राजस्थान के किसानों के लिए अच्छी खबर है. दक्षिणी अफ्रीका की बहुवर्षीय फसल मरामा बीन का तीन वर्षीय वैज्ञानिक परीक्षण बीकानेर में शुरू होने जा रहा है. स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय इस परियोजना पर काम करेगा, जिसका उद्देश्य कम पानी में अधिक पोषण और बेहतर आय देने वाली फसल विकसित करना है. यह फसल एक बार रोपण के बाद वर्षों तक उत्पादन देने की क्षमता रखती है. इसके बीजों में प्रोटीन और तेल प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जबकि कंद स्टार्च से भरपूर होते हैं. सफल परीक्षण के बाद यह थार के किसानों के लिए नई नकदी फसल बन सकती है.

थार में अफ्रीका की यह फसल बदल सकती है किसानों की किस्मत कम पानी में ज्यादा मुनाफा