कीटनाशक नहीं सिर्फ ट्रैप और नीमास्त्र बैंगन की खेती का देसी जुगाड़ किसानों के लिए बना कमाई का जरिया

बहराइच के एक किसान पिछले पांच वर्षों से जैविक विधि से बैंगन की खेती कर रहे हैं. वे रासायनिक खाद और कीटनाशकों की जगह गोबर की खाद, नीमास्त्र और विभिन्न ट्रैप का उपयोग करते हैं. उनका कहना है कि इससे खेती की लागत घटती है और ढाई बीघे में 60 से 65 हजार रुपये तक का मुनाफा प्राप्त हो सकता है.

कीटनाशक नहीं सिर्फ ट्रैप और नीमास्त्र बैंगन की खेती का देसी जुगाड़ किसानों के लिए बना कमाई का जरिया