रेगिस्तान में हरियाली का कमाल वेस्ट वाटर से लहलहाए 600 पौधे स्कूल बना मिसाल

राजस्थान के बाड़मेर जिले के सियानी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय ने जल संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश की है. विद्यालय में रसोई, वॉशबेसिन और अन्य घरेलू उपयोग के बाद निकलने वाले वेस्ट वाटर का उपयोग 600 से अधिक पेड़-पौधों की सिंचाई के लिए किया जा रहा है. कभी रेत के टीलों और बबूल की झाड़ियों से घिरा यह परिसर आज हरियाली से महक रहा है. संस्था प्रधान राजराजेश्वरी उपाध्याय की पहल से न केवल पानी की बचत हो रही है, बल्कि जैविक खाद भी तैयार की जा रही है. अब विद्यालय ने इस सत्र में पौधों की संख्या 1000 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.

रेगिस्तान में हरियाली का कमाल वेस्ट वाटर से लहलहाए 600 पौधे स्कूल बना मिसाल