सुल्तानपुर के उस साहित्यकार की कहानी जिन्हें 1949 में अंगराज महाकाव्य के लिए मिला था प्रतिष्ठित सम्मान जानें
सुल्तानपुर के उस साहित्यकार की कहानी जिन्हें 1949 में अंगराज महाकाव्य के लिए मिला था प्रतिष्ठित सम्मान जानें
Sultanpur News: सुल्तानपुर की धरती से जुड़े एक साहित्यकार ने अपनी लेखनी से ऐसी पहचान बनाई, जिसे लंबे समय तक याद किया गया. देश की आजादी के करीब डेढ़ साल बाद, साल 1949 में आनंद कुमार त्रिपाठी को साहित्य के क्षेत्र में प्रतिष्ठित सम्मान मिला. यह उपलब्धि सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि सुल्तानपुर के साहित्यिक इतिहास के लिए भी खास मानी जाती है. आनंद कुमार त्रिपाठी हिंदी साहित्य के मशहूर साहित्यकार पंडित राम नरेश त्रिपाठी के पुत्र थे. उन्हें अपने पिता से साहित्य की विरासत मिली थी. बताया जाता है कि साहित्य के प्रति उनका लगाव बचपन से ही था और आगे चलकर उन्होंने लेखन को अपनी पहचान बनाया.