भारत-नेपाल बॉर्डर पर बसा निचलौल क्षेत्र जो आज भी सुनाता है पालपा स्टेट की कहानी राजा रत्नसेन से जुड़ा है इतिहास

Maharajganj History: इतिहासकार डॉ. बृजेश पांडेय बताते है कि महराजगंज जिले का निचलौल क्षेत्र पहले पालपा स्टेट से जुड़ा हुआ था और उसके एक प्रशासनिक इकाई के रूप में कार्य करता था. तत्कालीन समय में इसे तिलपुर परगना के रूप में जाना जाता था. इतिहास में जब पालपा स्टेट पर नेपाल के राजा ने आक्रमण कर दिया उस समय यहां एक थारू राजा हुआ करते थे. उनको गिरफ्तार कर लिया गया. बाद में उस राजा की हत्या कर दी गई. इस घटना के बाद उनके कुछ वंशज वहां से आकर तिलपुर में बस गए. उनके ही वंशज को इतिहास की कहानियों में राजा रत्नसेन के नाम से भी जाना जाता है.

भारत-नेपाल बॉर्डर पर बसा निचलौल क्षेत्र जो आज भी सुनाता है पालपा स्टेट की कहानी राजा रत्नसेन से जुड़ा है इतिहास