गोंडा की महिला किसान सुमन मिश्रा का कमाल DSR विधि से धान की खेती कर बनीं मिसाल मिलेगी बंपर पैदावार

सुमन मिश्रा बताती है कि बुवाई से पहले खेत की अच्छी तरह तैयारी की गई. बीजों का उपचार किया गया और जरूरत के अनुसार जैविक खाद व उर्वरकों का प्रयोग किया गया. समय-समय पर सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण भी किया गया, जिससे फसल तेजी से बढ़ रही है. डीएसआर विधि अपनाने से खेती की लागत कम होती है और पानी की भी बचत होती है. यदि समय पर खरपतवार नियंत्रण और फसल की देखभाल की जाए तो इस तकनीक से अच्छी पैदावार मिल सकती है.

गोंडा की महिला किसान सुमन मिश्रा का कमाल DSR विधि से धान की खेती कर बनीं मिसाल मिलेगी बंपर पैदावार