महारानी कैकेयी ने सीता को मुंह दिखाई में भेंट किया था सोने का महल कनक भवन जानें मान्यता

भगवान श्रीराम के विवाह के बाद पूरी अयोध्या उत्सव में डूब गई थी. चारों ओर आनंद और उल्लास का वातावरण था. उस समय महारानी कैकेयी ने महाराज दशरथ से कहा कि वह अपनी नई बहू सीता को ऐसा उपहार देना चाहती हैं, जो युगों-युगों तक याद रखा जाए. तब महाराज दशरथ ने देवताओं के दिव्य शिल्पी को बुलाकर एक अद्भुत और स्वर्णिम महल का निर्माण करवाया. यह महल इतना भव्य और अलौकिक था कि जो भी उसे देखता, उसकी सुंदरता में खो जाता.

महारानी कैकेयी ने सीता को मुंह दिखाई में भेंट किया था सोने का महल कनक भवन जानें मान्यता