ममता की पुलिस की वाटर कैनन के आगे अडिग रहे कौन हैं बलराम बोस
कोलकाता के नबन्ना प्रोटेस्ट के वायरल हो रहे हैं बलराम बोस. उन्होंने बताया कि वह बेटियों की सुरक्षा और निरंकुश शासन के खिलाफ प्रोटेस्ट करने हावड़ा ब्रिज पर गए थे. उनका ना ही छात्रों से और ना ही किसी पॉलिटिकल पार्टी से कोई लेना देना नहीं है.
उन्होंने आगे कहा, ‘आंदोलन में भाग लेते समय मुझे विश्वास था कि हमें अपना काम करना होगा. अगर मैं वहां मर भी जाता तो वहां से नहीं हटता. मैं उन्हें उस गुलामी से मुक्त होने का इशारा कर रहा था, जिसका अनुसरण पुलिसवाले कर रहे थे, वे एक निरंकुश शासन के इशारों पर काम कर रहे थे. मैं अपने हाथ में चूड़ी दिखाते हुए कहना चाह रहा था कि वे हथकड़ी का साथ छोड़ें और हमारे मार्च में शामिल हों.’
उन्होंने आगे कहा, ‘इस मुद्दे को पॉलिटिकल न बनाया जाए. मैं आपसे हाथ जोड़ कर विनती करता हूं कि आइए बैठिए, इसका हल निकालिए…. नहीं तो दूसरा मार्च फिर से निकलेगा. अगर हल नहीं निकाल सकते हैं तो इतनी ताकत से पानी की बौछारें करो कि हम सब बह जाएं…’
वहीं, उन्होंने अपने सनातनी होने के बारे में भी बताया, ‘मैं एक सनातनी हूं, भगवान शिव का भक्त हूं…मैं किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा हूं और ना ही चाहता हूं कि कोई राजनीतिक दल इस आंदोलन को प्रभावित करे या उसका ध्यान भटकाए. हम न्याय चाहते हैं. बोस ने कहा कि छात्रों की तरफ से कहा गया था कि हर घर से आंदोलन में एक व्यक्ति शामिल हो. इसलिए हम वहां गए थे.’
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