TMC का हाकिम कौन 33 फीसदी मुस्लिम आबादी की बात कह ममता को क्यों किया नाराज

बंगाल में एक बार फिर से सियासी हलचल बढ़ गई है. ममता बनर्जी के एक और नेता ने 33% मुस्लिम वाला बयान देकर सनसनी मचा दिया है. टीएमसी के बंगाल के मंत्री और मेयर हाकिम ने विवादित बयान में कहा कि अल्लाह का शुक्र रहा तो हम जल्द ही भारत में बहुसंख्यक में आ जाएंगे. हालांकि इनके इस बयान से पार्टी में ही आलोचना हो रही है.

TMC का हाकिम कौन 33 फीसदी मुस्लिम आबादी की बात कह ममता को क्यों किया नाराज
कोलकत्ता. पश्चिम बंगाल की सियासत एकबार फिर से गर्मा गई है. दरअसल, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) के नेता फिरहाद हकीम ने विवादित बयान देकर बंगाल की राजनीति में हलचल पैदा कर दिया है. उन्होंने ’33 प्रतिशत मुस्लिम’ आबादी का बयान देकर ना केवल विपक्ष की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बल्कि अलकमान को भी नराज कर दिया है. ममता ने उनके इस बयान पर नाराजगी जताई है. वहीं, विपक्ष की भाजपा नेता शुभेन्दु अधिकारी ने इसे सांप्रदायिक घृणा भड़काने और एक खतरनाक एजेंडा करार दिया है. दरअसल, पश्चिम बंगाल के मंत्री और कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा, ‘हम ऐसे समुदाय से आते हैं, पश्चिम बंगाल में हम 33% हैं और पूरे देश में हम केवल 17% हैं और हमें भारत में अल्पसंख्यक समुदाय कहा जाता है, लेकिन हम खुद को अल्पसंख्यक मानते हैं. लेकिन आने वाले दिनों में हम अल्पसंख्यक नहीं रहेंगे. हमारा मानना ​​है कि अगर अल्लाह की कृपा हम पर हुई और शिक्षा हमारे साथ रही तो हम बहुसंख्यक बन जाएंगे.’ इनका बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल होने लगा. इस वीडियो के वायरल होने के बाद हाकिम चौतरफा घिर गए. उनकी पार्टी ने भी इससे किनारा करने लगी. उनके बयान के बाद सीएम ममता बनर्जी ने चुनावी माहौल में ऐसे बयान बाजी से बचने की सलाह दीं. यू-टर्न हाकिम भी चौंतरफा आलोचना होने के बाद तुरंत यू-टर्न ले लिया. मुसलमानों के बहुसंख्यक बनने संबंधी अपनी टिप्पणी के लिए आलोचनाओं पश्चिम बंगाल के मंत्री रविवार को माफी मांगने लगे. उन्होंने कहा कि वह एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति हैं और मरते दम तक धर्मनिरपेक्ष ही रहेंगे. हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि इनका यह वीडियो कब का है. चौतरफा आलोचना हाकिम के बयान के बाद उनकी ही पार्टी में खूब खिंचाई हो रही है. हकीम की टिप्पणी का न केवल विपक्षी दलों बल्कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने आलोचना की है. पूर्व आईपीएस अधिकारी और डेबरा विधायक हुमायूं कबीर ने कहा कि ‘मात्रा से ज़्यादा गुणवत्ता को महत्व दिया जाना चाहिए. पांच बच्चे पैदा करके रिक्शा चालक, वैन ड्राइवर, सब्जी विक्रेता, प्रवासी मजदूर, फेरीवाले बनने के बजाय, दो बच्चे पैदा करके शिक्षक और डॉक्टर बनना बेहतर है. क्या मेरे जैसा पुलिस अधिकारी बनना बेहतर नहीं होगा?’ कांग्रेस-भाजपा की प्रतिक्रिया भाजपा ने सांप्रदायिक बयान देने का आरोप लगाया है. वहीं, भारत सेवाश्रम संघ (बीएसएस) के साधु कार्तिक महाराज ने कहा कि मुसलमानों की शिक्षा और आर्थिक उत्थान पर जोर देने के बजाय, हकीम उनकी संख्या बढ़ाने की बात कर रहे हैं, इससे राज्य में घुसपैठ को मदद और बढ़ावा मिलेगा.’ वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने हिंदू-मुस्लिम ध्रुविकरण का आरोप लगाया है. Tags: Kolkata News, Mamata banerjee, TMC LeadersFIRST PUBLISHED : December 16, 2024, 14:01 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें
Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed