कांग्रेस के थे कभी मणि अब विष कैसे बन गए अय्यर के खुलासों का इशारा समझिए

Mani shankar Aiyar News: कांग्रेस नेता और पूर्व आईएफएस अधिकारी मणिशंकर अय्यर का कांग्रेस में तवज्जो नहीं मिलने से बैचेनी है क्या पीएम मोदी की नीतियों के अब करीब आ गए हैं? क्यों अब पाकिस्तान और मुस्लिमों पर न बोलकर अय्यर गांधी फैमिली पर निशाने पर लिया है? पढ़ें यह रिपोर्ट...

कांग्रेस के थे कभी मणि अब विष कैसे बन गए अय्यर के खुलासों का इशारा समझिए
नई दिल्ली. कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व नौकरशाह मणिशंकर अय्यर एक बार फिर से अपने बयानों के कारण चर्चा में आ गए हैं. मणिशंकर अय्यर ने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में गांधी परिवार, पीएम मोदी और पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को लेकर बड़ा खुलासा किया है. अय्यर ने इस इंटरव्यू में कहा है कि गांधी परिवार ने ही उनका राजनीतिक करियर बनाया और बिगाड़ भी दिया. उन्होंने राहुल गांधी संग अपने रिश्तों पर भी खुलासा किया. मणिशंकर अय्यर सालों तक कांग्रेस के दुलरुआ रहे हैं. अय्यर यूपीए-वन और यूपीए-टू के दौरान केंद्रीय मंत्री के साथ-साथ कांग्रेस के बड़े रणनीतिकार के तौर पर उभरे थे. तब, अय्यर राहुल गांधी का जमकर बखान करते थे. लेकिन, इस इंटरव्यू से लगता है कि अब राहुल गांधी से उनका मोहभंग हो चुका है. तभी उनकी जुबान बदली-बदली नजर आ रही है. मणि शंकर अय्यर कांग्रेस के लिए कई मौकों पर ‘मणि’ साबित हुए. यूपीए वन और टू के दौरान जब भी पाकिस्तान के साथ रिश्ते बिगडने की चर्चा शुरू होने लगती, अय्यर पाकिस्तान उड़ जाते या फिर आगे आकर स्थिति संभाल लेते. लेकिन, साल 2014 के बाद से अय्यर के कुछ विवादित बोल कांग्रेस के लिए ‘विष’ साबित होने लगा. इससे, कांग्रेस ने धीरे-धीरे अय्यर से किनारा कर लिया. खासकर, पाकिस्तान और मुस्लिम प्रेम की वजह से अय्यर कई बार कांग्रेसी नेताओं के निशाने पर आ गए. अय्यर के विवादित बोल को बीजेपी ने खूब भुनाया. गांधी फैमिली से क्यों हुआ मोहभंग? साल 2014 के बाद से लगभग हर चुनाव से पहले मणिशंकर अय्यर का कुछ न कुछ बयान आ जाता, जिससे पार्टी बैकफुट पर आ जाती. अय्यर के पाकिस्तान प्रेम को बीजेपी बीते कई चुनावों से इस्तेमाल कर खूब भुना रही है. ऐसे में न चाहते हुए भी कांग्रेस ने बीते कुछ सालों में अय्यर को पार्टी की गतिविधियों से दूर कर दिया. गांधी परिवार भी अब अय्यर से काफी दूरी बना ली. यह अय्यर के इंटरव्यू से भी झलकता है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि मणिशंकर अय्यर का दर्द आखिर 10 साल बाद क्यों बाहर आया? क्या मणिशंकर अय्यर के प्रणव मुखर्जी सहित कई नेताओं के खुलासे के बाद कांग्रेस के अंदरुनी खींचतान  में तेजी आएगी? 10 साल में रिश्ता क्यों बिगड़ा? मणिशंकर अय्यर ने पीटीआई को दिए इंटव्यू में खुलासा है किया है कि पिछले 10 सालों में सिर्फ एक बार सोनिया गांधी से उनकी मुलाकात हुई है. गांधी परिवार ने ही मेरा पॉलिटिकल करियर बनाया और बर्बाद भी कर दिया. इसके बावजूद में बीजेपी में कभी नहीं जाऊंगा. अय्यर कहते हैं कि एक बार राहुल गांधी जीत की शुभकामनाएं भिजवाने के लिए उन्हें प्रियंका गांधी को फोन करना पड़ा था. अय्यर ने एक और वाक्या का जिक्र करते हुए कहा कि एक बार उन्होंने मैडम सोनिया गांधी को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं तो उन्होंने कहा मैं क्रिश्चियन नहीं हूं.’ पाकिस्तान और मुस्लिम प्रेम क्या राहुल को मंजूर नहीं? मणिशंकर अय्यर अपने कई बयानों ने राहुल गांधी के निशाने पर आ गए. साल 2018 में अय्यj ने करांची में बोल दिया कि मैं पाकिस्तान से भी उतना प्यार करते हैं, जितना हिंदुस्तान से करता हूं. साल 2023 में बोल दिया कि पाकिस्तान के लोग हमें दुश्मन नहीं मानते. पीएम मोदी को पाकिस्तान से बात करना चाहिए. पीएम मोदी को चायवाला बोलने का अब यू-टर्न साल 2019 के आम चुनाव से ठीक पहले PM मोदी को लेकर अय्यर ने ऐसा अपमानजनक टिप्पणी कर दी, जिसको बीजेपी ने चुनाव में बड़ा मुद्दा बना लिया. हालांकि, पार्टी ने तब उन्होंने निलंबित कर दिया था लेकिन, पार्टी को तबतक काफी नुकसान हो चुका था. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को भी अय्यर निशाने पर लेते रहे हैं. राव के बारे में तो ये तक कह दिया कि वह बीजेपी के पहले प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपयी नहीं थे. बल्कि, पीवी नरसिम्हा राव थे. 83 साल में क्या बनना चाहते हैं अय्यर? 83 साल के हो चुके मणिशंकर अय्यर अब पीएम मोदी को लेकर काफी नरम दिख रहे हैं. उन्होंने अपने इंटरव्यू में कहा है कि उन्होंने कभी भी पीएम मोदी चायवाला नहीं कहा. अय्यर ने कहा है कि साल 2014 में गुजरात के मौजूदा सीएम नरेंद्र मोदी को विजेता के रूप में प्रचारित किया जा रहा था. इस बात से मैं भयभीत था कि जिस व्यक्ति की छवि गुजरात में मुसलमानों के नरसंहार के कारण दागदार है, वह महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के देश का नेतृत्व करने की आकांक्षा रख सकता है?’ अय्यर ने कहा है कि साल 2014 में कांग्रेस के अधिवेशन के दौरान एक इंटरव्यू में कहा था कि जो आदमी यह नहीं जानता कि सिकंदर कभी पाटलिपुत्र नहीं गया और तक्षशिला पाकिस्तान में है, वह प्रधानमंत्री की कुर्सी पर आसीन होगा, जिसपर कभी नेहरू बैठा करते थे. इसलिए मैंने कहा था कि भारत के लोग यह कभी स्वीकार नहीं करेंगे. फिर मैंने मजाक में बोल दिया कि अगर चुनाव हारने के बाद मोदी चाय परोसना चाहते हैं तो हम उनके लिए कुछ व्यवस्था कर सकते हैं.’ Tags: Congress, Gandhi Family, Mani Shankar Aiyar, PM ModiFIRST PUBLISHED : December 16, 2024, 14:03 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें
Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed