Khan Sir Controversy: द्वंद्व समास पर राजनीतिक द्वंद्व कौन हैं खान सर जिनकी गिरफ्तारी की कांग्रेस भी कर रही मांग

Khan Sir Controversy: प्रतिस्‍पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले पटना के खान सर फिर विवाद में घिर गए हैं. इससे पहले भी वह कई बार अपनी क्‍लासेस के दौरान की गई टिप्‍पणियों को लेकर विवादों में घिरते रहे हैं.

Khan Sir Controversy: द्वंद्व समास पर राजनीतिक द्वंद्व कौन हैं खान सर जिनकी गिरफ्तारी की कांग्रेस भी कर रही मांग
हाइलाइट्स'खान सर' पहले भी पंचर सांटने की टिप्‍पणी करके निशाने पर आ गए थे. इसके अलावा उन पर स्‍टूडेंट्स को भड़काने के आरोप भी लग चुके हैं. पटना. यूपीएससी एग्‍जाम समेत कई प्रतिस्‍पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले पटना वाले ‘खान सर’ पढ़ाने के अपने अनोखे अंदाज के साथ ही विवादित बयानों के कारण भी अकसर चर्चा में आ जाते हैं. खान सर एक बार फिर मुसीबत में फंस गए हैं. इस बार कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने उनकी क्‍लासेस के एक वीडियो को ‘निहायत ही घटिया’ करार देते हुए खान सर की गिरफ्तारी की मांग की है. दरअसल, वीडियो में ‘खान सर’ स्‍टूडेंट्स को द्वंद्व समास समझा रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि द्वंद्व समाज में एक ही शब्द का अलग-अलग वाक्‍यों में भावार्थ बदल जाता है. उन्‍होंने इसे समझाने के लिए जो उदाहरण पेश किया, वही उनकी मुसीबत का कारण बन गया है. दरअसल, ‘खान सर’ ने द्वंद्व समास को समझाने के लिए उदाहरण देते हुए कहा, ‘सुरेश ने जहाज उड़ाया, का मतलब कुछ और है. वहीं, अब्दुल ने जहाज उड़ाया का मतलब कुछ और ही निकलता है. द्वंद्व समास के इस वीडियो पर अब राजनीतिक द्वंद्व शुरू हो गया है. सबसे पहले एक ट्विटर यूजर अशोक कुमार पांडेय ये वीडियो शेय कर ‘खान सर’ को गिरफ्तार करने की मांग की. उन्होंने वीडियो की निंदा करते हुए लिखा कि शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी मानसिकता के लोग नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं. फिर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इस वीडियो को री-ट्वीट करते हुए लिखा, ‘घटिया निहायत ही घटिया – इसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए.’ ये भी पढ़ें – Khan Sir: गुमनाम रहने की शर्त पर मास्टर बने थे ‘खान सर’, कोरोनाकाल में बने 17 मिलियन यूट्यूब सब्स्क्राइबर्स आपके शहर से (दिल्ली-एनसीआर) उत्तर प्रदेश बिहार मध्य प्रदेश राजस्थान उत्तराखंड हरियाणा झारखंड छत्तीसगढ़ हिमाचल प्रदेश महाराष्ट्र पंजाब दिल्ली-एनसीआर लखनऊ वाराणसी मेरठ आगरा अलीगढ़ कानपुर गोरखपुर नोएडा इलाहाबाद झांसी हापुड़ गाजियाबाद अमेठी अम्बेडकर नगर अयोध्या आजमगढ़ इटावा उन्नाव एटा कन्नौज कासगंज कुशीनगर कौशाम्बी गाजीपुर गोंडा चित्रकूट जौनपुर देवरिया पीलीभीत प्रतापगढ़ फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलिया बस्ती बहराइच बांदा बागपत बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर भदोही मऊ मथुरा महाराजगंज महोबा मिर्जापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मैनपुरी रामपुर लखीमपुर खेरी शामली शाहजहांपुर श्रावस्ती संत रविदास नगर संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस यूपी उपचुनाव को लेकर केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा का दावा- मैनपुरी की जनता लेगी सपा की गुंडई का बदला MCD चुनाव में कैश के बदले टिकट मामला: आरोपी प्रिंस रघुवंशी को राउज एवेन्यू कोर्ट से मिली जमानत Delhi MCD Election: सुभाष मोहल्ला वार्ड में मतदाता लिस्ट में 700 में से 432 ग़ायब | Hindi News बच्चों के झगड़े में गई 52 वर्षीय महिला की जान, डांटने से नाराज हुए पड़ोसी फिर... दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेसवे से चलने वाले दोपहिया और तिपहिया वाहन चालक ध्‍यान दें, नहीं तो अब चालान कटेगा! MCD Elections 2022: चुनाव में करीब 50% मतदान, बीजेपी-आप कर रहीं अपनी-अपनी जीत के दावे सुपर-21 मिशन करा रहा NEET और IIT जेईई की मुफ्त कोचिंग, जानें कब है चयन परीक्षा Delhi Air Pollution: दिल्ली में फिर बिगड़ी हवा, GRAP की स्टेज 3 लागू, निर्माण कार्यों पर लगी रोक Delhi MCD Voting: 50 फीसदी हुई वोटिंग, मतदान प्रक्रिया खत्म, EVM में कैद हुई 1349 उम्मीदवारों की किस्मत गाजियाबाद कमिश्‍नरेट का प्रशासनिक विभाजन हुआ, यहां जानें विस्‍तार से काशी में बनने वाले देश के पहले अरबन रोपवे स्‍टेशन के ऊपर बनेगा होटल, जानें क्‍यों लिया गया फैसला? उत्तर प्रदेश बिहार मध्य प्रदेश राजस्थान उत्तराखंड हरियाणा झारखंड छत्तीसगढ़ हिमाचल प्रदेश महाराष्ट्र पंजाब दिल्ली-एनसीआर लखनऊ वाराणसी मेरठ आगरा अलीगढ़ कानपुर गोरखपुर नोएडा इलाहाबाद झांसी हापुड़ गाजियाबाद अमेठी अम्बेडकर नगर अयोध्या आजमगढ़ इटावा उन्नाव एटा कन्नौज कासगंज कुशीनगर कौशाम्बी गाजीपुर गोंडा चित्रकूट जौनपुर देवरिया पीलीभीत प्रतापगढ़ फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलिया बस्ती बहराइच बांदा बागपत बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर भदोही मऊ मथुरा महाराजगंज महोबा मिर्जापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मैनपुरी रामपुर लखीमपुर खेरी शामली शाहजहांपुर श्रावस्ती संत रविदास नगर संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस पहले भी दे चुके हैं ‘विवादित बयान’ ये पहली बार नहीं है, जब खान सर अपनी क्‍लासेस के किसी वीडियो को लेकर विवादों में घिरे हैं. इससे पहले भी कई बार उनकी जबरदस्‍त आलोचना हुई है और गिरफ्तारी की मांग भी उठी है. वह कभी ‘पंचर सांटने’ के बयान से तो कभी आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ी के विरोध और स्‍टूडेंट्स को अपने हक के लिए लड़ने व आंदोलन करने के तौर-तरीके समझाने के कारण निशाने पर आते रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासन ने उनके खिलाफ मामला भी दर्ज कर दिया था. तमाम विवादों और विरोधों के बावजूद स्‍टूडेंट्स के बीच उनकी लोकप्रियता कभी भी कम नहीं हुई है. आइए जानते हैं कि कौन हैं स्‍टूडेंट्स के पसंदीदा ‘खान सर’. घटिया निहायत ही घटिया – इसे गिरफ़्तार करना चाहिए और जो अट्टहास कर रहे हैं इनकी भद्दी बेहूदा बातें सुन कर उनको सोचना चाहिए – कि क्या बन रहे हैं हम? https://t.co/txyLtHEjzn — Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) December 4, 2022 मजाकिया लहजे में पढ़ाते हैं ‘सर’
संघ लोकसेवा आयोग की परीक्षा (UPSC Exam) की तैयारी करने वाले स्‍टूडेंट्स के बीच ‘खान सर’ काफी पसंद किया जाने वाला नाम है. एक समय उन्‍होंने अपना नाम, मोबाइल नंबर और घर का पता नहीं बताने की शर्त पर एक कोचिंग में पढ़ाना शुरू किया था. वही खान सर आज पटना में ‘खान जीएस रिसर्च सेंटर’ (Khan GS Research Center) चलाते हैं. उन्‍होंने 2019 में एक यूट्यूब चैनल शुरू किया, जिसके अब तक 17 मिलियन यानी 1.7 करोड़ यूट्यूब सब्‍सक्राइबर्स (YouTube Subscribers) हो गए हैं. स्‍टूडेंट्स खान सर को उनके मजाकिया अंदाज में पढ़ाने के कारण बहुत पसंद करते हैं.

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कोचिंग सेंटर पर फेंके गए बम
खान सर ने एक इंटरव्‍यू में बताया कि एक बार उनके सेंटर पर बम फेंके (Khan Sir attacked with bombs) गए थे. इसमें से एक बम उनके पैर के पास आकर गिरा तो लेकिन फटा नहीं. इस घटना पर उन्‍होंने अपने खास लहजे में कहा, ‘बम को भी पता है कि टीचर का इज्‍जत किया जाता है.’ खान सर का जन्‍म दिसंबर 1992 को उत्‍तर प्रदेश के गोरखपुर (UP, Gorakhpur) में हुआ था. उनका असली नाम (Khan Sir real name) अभी तक राज ही है. कुछ स्‍टूडेंट्स उन्‍हें अमित सिंह तो कुछ फैसल खान के नाम से जानते हैं.

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खान सर ने 2019 में अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया. अब इसके 17 मिलियन सब्‍सक्राइबर्स हैं.

तेजी से बढ़े यूट्यूब सब्‍सक्राइबर्स
खान सर ने 2019 में अपना यूट्यूब चैनल (Khan Sir YouTube Channel) शुरू किया. कोरोना की शुरुआत में उनके 30 से 40 हजार यूट्यूब सब्‍सक्राइबर्स ही थे. फिर उन्‍होंने रोज जीएस की क्‍लासेस के ज्‍यादा वीडियोज डालना शुरू कर दिया. कोरोना के दौरान उनके चैनल के सब्‍सक्राइबर्स की संख्‍या में तेजी से इजाफा हुआ. अब उनके 17 मिलियन से भी ज्‍यादा यूट्यूब सब्‍सक्राइबर्स हैं. उनके कई वीडियोज को करोड़ों बार तक देखा जा चुका है. उनके जेल पर बनाए वीडियो को 52 मिलियन से ज्‍यादा बार देखा जा चुका है. खान सर का दावा है कि उन्‍हें पढ़ाने के लिए 107 करोड़ रुपये के पैकेज का ऑफर मिला था, लेकिन उन्‍होंने गरीब बच्‍चों के लिए इसे ठुकरा दिया. उनका कहना है कि फीस ना दे पाने से ऐसा ना तो कभी हुआ है और ना ही कभी होगा कि कोई बच्‍चा सेंटर से बिना पढ़े लौट जाए. उन्‍होंने बताया कि उनकी कोचिंग में सालभर का खर्चा 12 से 14 हजार रुपये ही है.

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