Kargil Vijay Diwas: -10° में नंगे पैर लिखा शहादत का सबक! पेट में धंसे थे ग्रेनेड के छर्रे फिर भी खंजर से रौंद दिया एक-एक दुश्मन

Kargi Vijay Diwas: माइनस 10 डिग्री टेंपरेचर में नंगे पैर 16000 फीट की बर्फीली चढाई चढ़ना, फिर ग्रेनेड से जख्‍मी होने के बावजूद रणभूमि छोड़ने से इंकार कर देना. इनता ही नहीं, गोलियां खत्‍म हुईं तो खंजर से एक-एक दुश्‍मन को जहन्‍नुम पहुंचाकर देश के लिए प्राणों का सर्वोच्‍च बलिदान कर देना. यह असंभव सी कहानी भारतीय सेना के जांबाज कैप्टन नेइकझुको केंगुरुसी की है. क्‍या है महावीर चक्र से सम्‍मानित इस जांबाज की पूरी कहानी, जानने के लिए पढ़ें आगे...

Kargil Vijay Diwas: -10° में नंगे पैर लिखा शहादत का सबक! पेट में धंसे थे ग्रेनेड के छर्रे फिर भी खंजर से रौंद दिया एक-एक दुश्मन