चातुर्मास में क्यों बढ़ जाता है जप-तप और दान का महत्व धार्मिक कारण जानकर हो जाएंगे हैरान
सनातन परंपरा में चातुर्मास को साधना, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का सबसे पवित्र समय माना जाता है. देवशयनी एकादशी से शुरू होकर देवउठनी एकादशी तक चलने वाले इस चार माह के दौरान जप, तप, दान, व्रत और सेवा का विशेष महत्व बताया गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में किए गए पुण्य कर्मों का फल कई गुना अधिक मिलता है.