घुटनों के दर्द ने बनाया मशरूम किंग! प्रयोग में सफल हुआ वकील साहब का ये आइडिया अब छाप रहे नोट

Mushroom Farming Success Story: कहते हैं कि कभी-कभी समस्या ही समाधान का रास्ता दिखाती है. पूर्णिया के माधोपारा निवासी अधिवक्ता मोहम्मद शाहीदुल और उनकी पत्नी वर्षों से घुटनों के गंभीर दर्द से जूझ रहे थे. ढेरों दवाइयां और अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद भी जब आराम नहीं मिला, तो किसी की सलाह पर उन्होंने मशरूम का सेवन शुरू किया. यही मशरूम आज न सिर्फ उनकी सेहत का राज है, बल्कि कमाई का बड़ा जरिया भी बन चुका है. कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ के वैज्ञानिक दयानिधि चौबे से प्रशिक्षण लेकर उन्होंने ओयस्टर मशरूम की खेती शुरू की. आज उनके पास मशरूम के 400 से अधिक बैग्स हैं. एक बैग तैयार करने में ₹50 की लागत आती है, जबकि मुनाफा दोगुना तक होता है. खास बात यह है कि घर के शुद्ध और जैविक मशरूम खाने से दंपत्ति के घुटनों का दर्द पूरी तरह खत्म हो चुका है. अब आलम यह है कि लोग उनके घर आकर ₹250 किलो तक की दर से मशरूम खरीद रहे हैं. शाहीदुल कहते हैं कि मशरूम ने हमें सेहत भी दी और आत्मनिर्भर भी बनाया.

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