ताजमहल कब्र और मंदिर हिंदू आस्था पर जवाहर लाल नेहरू को ताजमहल ही पसंद क्यों 1959 में खुद बताई थी वजह
ताजमहल कब्र और मंदिर हिंदू आस्था पर जवाहर लाल नेहरू को ताजमहल ही पसंद क्यों 1959 में खुद बताई थी वजह
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को ताजमहल बेहद खूबसूरत लगता था, लेकिन दक्षिण भारत के कुछ मंदिरों को लेकर उनकी प्रतिक्रिया बिल्कुल अलग थी, यहां उन्हें दबाव महसूस होता था. यह बात उन्होंने स्वयं 1959 में वास्तुकला पर दिए एक भाषण में स्वयं बताई थी. तब उन्होंने कहा था कि मंदिरों की सुंदरता के बावजूद वे वहां के अंधेरे गलियारों और बंद वातावरण से क्यों असहज महसूस करते थे. इसी भाषण में उन्होंने ताजमहल को आंखों और आत्मा, दोनों के लिए आनंद देने वाली खूबसूरत इमारत बताया था. खास बात यह कि ताजमहल कब्र है, जबकि हिंदू मंदिर सनातन धर्मावलंबियों की आस्था का केंद्र, फिर ऐसी तुलना उन्होंने क्यों की?