न फोन न ऑनलाइन आवेदन ठाकुरजी के नाम लिखी चिट्ठी और पूरी होती है मनोकामना नीमकाथाना आश्रम की अनोखी कहानी
न फोन न ऑनलाइन आवेदन ठाकुरजी के नाम लिखी चिट्ठी और पूरी होती है मनोकामना नीमकाथाना आश्रम की अनोखी कहानी
Sikar Neem Ka Thana Ashram: नीमकाथाना के एक आश्रम में ठाकुरजी के प्रति भक्तों की अनोखी आस्था देखने को मिलती है. यहां श्रद्धालु अपनी जरूरत, परेशानी या मनोकामना ठाकुरजी के नाम चिट्ठी के रूप में लिखकर पहुंचाते हैं. मान्यता है कि सच्चे मन से लिखी गई चिट्ठी के बाद भक्तों की जरूरत पूरी होने का रास्ता बन जाता है. इसी विश्वास के चलते दूर-दूर से लोग आश्रम पहुंचते हैं और अपनी समस्याएं भगवान के सामने रखते हैं. आश्रम से जुड़ी यह परंपरा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. भक्त इसे ठाकुरजी की कृपा मानते हैं, जबकि यह कहानी राजस्थान की धार्मिक आस्था और विश्वास की अनोखी मिसाल पेश करती है.