मोबाइल गेम्स और रील्स के दौर में भी कायम है इस देसी खेल का जलवा करौली में आज भी बच्चों के बीच जबरदस्त क्रेज
मोबाइल गेम्स और रील्स के दौर में भी कायम है इस देसी खेल का जलवा करौली में आज भी बच्चों के बीच जबरदस्त क्रेज
Karauli Hindi News: आज जब बच्चों के मनोरंजन का बड़ा हिस्सा स्क्रीन तक सीमित होता जा रहा है, ऐसे में तान-चक्कर जैसे खेल करौली की पुरानी खेल संस्कृति की याद दिलाते हैं. इस खेल में न इंटरनेट चाहिए, न बैटरी और न ही महंगे उपकरण. बस जुगाड़, थोड़ी जगह और खेलने का उत्साह चाहिए. यही कारण है कि करौली में तान-चक्कर केवल एक पुराना खेल नहीं, बल्कि एक ऐसी देसी परंपरा है.