हैदराबाद की अनोखी रेती वाली दरगाह जहां चादर नहीं रेत पर मांगी जाती है हर दुआ

हैदराबाद के पुराने शहर स्थित हजरत सैयद सादुल्लाह शाह नक्शबंदी (रह.) की रेती वाली दरगाह अपनी अनोखी परंपरा के कारण देशभर में प्रसिद्ध है. यहां मजारों को पक्का नहीं बनाया गया है, बल्कि वे आज भी कच्ची रेत के रूप में सुरक्षित हैं. इस दरगाह पर चादर चढ़ाने की परंपरा नहीं है. अकीदतमंद केवल इत्र और ताजे फूल अर्पित करते हैं और रेत पर हथेलियों के निशान बनाकर दुआ मांगते हैं. सदियों पुरानी यह सूफी परंपरा आज भी लोगों को आध्यात्मिक शांति, सादगी और भाईचारे का संदेश देती है.

हैदराबाद की अनोखी रेती वाली दरगाह जहां चादर नहीं रेत पर मांगी जाती है हर दुआ