400 साल पुरानी परंपरा! जानिए मोहर्रम में हाथी पर क्यों निकाला जाता है बीबी का अलम
Hyderabad Bibi ka Alam Muharram Procession: हैदराबाद में मोहर्रम की 10वीं तारीख को निकलने वाला बीबी का अलम जुलूस 400 साल पुरानी ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा का प्रतीक है. इसकी शुरुआत कुतुब शाही शासनकाल में हुई थी और इसे हयात बख्शी बेगम से जोड़ा जाता है. इस अलम में हजरत फातिमा-ए-ज़ेहरा से जुड़ा पवित्र तबर्रुक शामिल माना जाता है. कुतुब शाही और बाद में निजाम शासकों ने इस परंपरा को संरक्षण दिया. शाही हाथियों पर निकलने वाला यह जुलूस आज भी लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है और हैदराबाद की गंगा-जामुनी तहजीब की अनूठी मिसाल पेश करता है.