Krishi Tips: किसानों के लिए काम की सलाह गन्ने की पताई जलाना नहीं खेत में सड़ाना फायदेमंद मिलेगा ज्यादा उत्पादन
Compost from sugarcane leaves: किसान गन्ने की कटाई के बाद बचने वाली गन्ने की पत्तियां यानी पताई उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाती है. कई किसान इन्हें जला देते है. जिससे मिट्टी की उर्वरता घटती है और अगली फसल की लागत बढ़ जाती है. उत्तर प्रदेश गन्ना शोध संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. श्री प्रकाश यादव के अनुसार गन्ने की पत्तियों को खेत में ही निस्तारित करने से यह समस्या अवसर में बदली जा सकती है. पत्तियों को खेत में सड़ाने से मृदा स्वास्थ्य सुधरता है. जल धारण क्षमता बढ़ती है और ऑर्गेनिक कार्बन में इजाफा होता है. किसान पत्तियों को लाइनों में बिछाकर पानी भर दें और प्रति एकड़ 4 किलो ऑर्गेनो डी-कंपोजर को 2 क्विंटल सड़ी गोबर खाद में मिलाकर डालें. 30-35 दिनों में पत्तियां खाद बन जाएंगी. जिससे फुटाव अच्छा होगा और खरपतवार भी कम उगेंगे.