राजस्थानी स्वाद की पहचान है काचरी खट्टे-तीखे का ऐसा स्वाद बार-बार करेगा खाने का मन

राजस्थान की पारंपरिक रसोई में कम सामग्री से बनने वाली कई ऐसी देसी रेसिपीज हैं, जिनका स्वाद लंबे समय तक याद रहता है. काचरी की खट्टी-तीखी सब्जी भी इन्हीं में से एक है. सूखी काचरी को कुछ घंटे भिगोकर सरसों के तेल, राई, जीरा, हींग और देसी मसालों के साथ पकाया जाता है. अंत में अमचूर या काचरी का खट्टा स्वाद को और बढ़ा देता है. सरसों के तेल की खुशबू और मसालों का चटपटा स्वाद इसे खास बनाता है. गरमा-गरम काचरी की सब्जी को बाजरे, मक्के या गेहूं की रोटी के साथ परोसा जा सकता है. यह राजस्थानी देसी खाने का बेहतरीन स्वाद है.

राजस्थानी स्वाद की पहचान है काचरी खट्टे-तीखे का ऐसा स्वाद बार-बार करेगा खाने का मन