मेनका गांधी की सीट पर एक तरफ मुकाबला या BSP बिगाड़ेगी खेल!

सुल्तानपुर लोकसभा सीट पर पिछले तीन चुनावों का इतिहास देखें तो बीएसपी लगातार दूसरे स्थान पर रही है. सपा-कांग्रेस का गठबंधन में यह सीट समाजवादी पार्टी के हिस्से में आई है. सपा-कांग्रेस गठबंधन से यहां चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है.

मेनका गांधी की सीट पर एक तरफ मुकाबला या BSP बिगाड़ेगी खेल!
उत्तर प्रदेश की सुल्तानगंज लोकसभा सीट से मेनका गांधी एक बार फिर मैदान में हैं. वे यहां से बीजेपी के टिकट पर दूसरी बार चुनाव लड़ रही हैं. उनका मुकाबला समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी राम भुआल निषाद से है. राम भुआल पहले बीजेपी में ही थे. बीजेपी से पहले वे बहुजन समाज पार्टी में थे. राम भुआल दो बार विधायक और बीएसपी सरकार में राज्यमंत्री रहे हैं. सुल्तानपुर लोकसभा सीट पर कुल 9 प्रत्याशी मैदान में हैं. बीएसपी ने उदराज वर्मा को उतारा है. दो निर्दलीय भी मैदान में हैं. यहां छठे चरण में 25 मई को वोट डाले जाएंगे. पशु प्रेम के लिए जानी-जाने वाली मेनका गांधी अपने कामों और नरेंद्र मोदी की गारंटी के साथ चुनावी समर में हैं. वहीं सपा और बीएसपी जाति-बिरादरी के दम पर ताल ठोक रही हैं. सुल्तानपुर लोकसभा सीट सुल्तानपुर लोकसभा क्षेत्र अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी जैसे धार्मिक शहरों के केंद्र में आता है. इस सीट की खासियत यह है कि बीजेपी के देवेंद्र बहादुर को छोड़कर कोई और नेता यहां से दोबारा नहीं चुना गया. इसी वजह से सुल्तानपुर सीट पर कभी भी किसी एक नेता का दबदबा नहीं रहा है. अब देखना होगा कि मेनका गांधी देवेंद्र बहादुर के इतिहास को दोहरा पाएंगी या नहीं. 2019 के लोकसभा चुनाव में मेनका गांधी ने बीएसपी के चंद्र भद्र सिंह को 14,526 वोटों से हराया था. मेनका गांधी को 4,59,196 वोट मिले थे जबकि चंद्र भद्र सिंह को 4,44,670. कांग्रेस के डॉ. संजय सिंह महज 41 हजार वोटों के साथ तीसरे स्थान पर थे. 2014 के चुनाव में मेनका गांधी के बेटे वरुण गांधी यहां से सांसद चुने गए थे. वरुण ने बीएसपी के ही पवन पांडेय को 1,78,902 वोटों से हराया था. उस समय 2,28,144 वोटों के साथ सपा के शकील अहमद तीसरे और 41 हजार वोटों के साथ कांग्रेस की अमीता सिंह चौथे स्थान पर थीं. 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के डॉ. संजय सिंह विजयी हुए थे. बीएसपी के मोहम्मद ताहिर दूसरे स्थान पर आए थे. इस चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी सूर्यभान सिंह 44 हजार वोटों के साथ चौथे स्थान पर थे. कुल मिलाकर लगातार तीन चुनावों में बीएसपी दूसरे स्थान पर रही है. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी एकसाथ आ चुकी हैं. ऐसे में सपा-कांग्रेस का गठबंधन मेनका गांधी के विजयी रथ को रोक सकता है. ऐसा राजनीतिक जानकार आशंका व्यक्त कर रहे हैं. सुल्तानपुर लोकसभा क्षेत्र में पांच विधानसभा सीट इसौली, सुल्तानपुर, सुल्तानपुर सदर, कादीपुर और लम्भुआ आती हैं. इसमें इसौली सीट पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है. बाकि 4 पर बीजेपी छाई हुई है. Tags: Loksabha Election 2024, Loksabha Elections, Maneka Gandhi, Sultanpur newsFIRST PUBLISHED : May 14, 2024, 16:02 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें
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