पिता की विरासत 9 एकड़ दशहरी आम के बाग को अमित ने बनाया सफलता का जरिया हर सीजन में होती है लाखों में कमाई

Success story: अमित वर्मा बताते हैं कि उनके पिता कई वर्षों से दशहरी आम की बागवानी करते थे. उनके निधन के बाद उन्होंने बाग की पूरी जिम्मेदारी संभाली. शुरुआत में कई चुनौतियां आईं, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने बागवानी की बारीकियां सीखीं और आधुनिक तरीके अपनाए. आज उनके बाग में हजारों आम के पेड़ हैं, जो हर साल बेहतर उत्पादन देते हैं. किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी अपनाने के लिए उद्यान विभाग लगातार प्रोत्साहित कर रहा है विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत पौधरोपण, सिंचाई और रखरखाव के लिए अनुदान भी दिया जा रहा है इसका सकारात्मक असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है.

पिता की विरासत 9 एकड़ दशहरी आम के बाग को अमित ने बनाया सफलता का जरिया  हर सीजन में होती है लाखों में कमाई