सुल्तानपुर के इटिहवा टीला इसौली किला और डीह मझगंवा में ASI ने खोजे प्राचीन स्थल जानें जिले का समृद्ध इतिहास
सुल्तानपुर के इटिहवा टीला इसौली किला और डीह मझगंवा में ASI ने खोजे प्राचीन स्थल जानें जिले का समृद्ध इतिहास
सुल्तानपुर में राजपूतों के आगमन के बाद भरों की सत्ता कमजोर होती गई. पश्चिम से आए राजपूतों ने पहले भर शासकों के यहां नौकरी की और बाद में सत्ता पर अधिकार कर लिया. मुस्लिम बादशाहों ने भी भरों पर आक्रमण किए. अलाउद्दीन खिलजी ने इसौली के भर राजा को हराने के लिए बैस राजपूतों को भेजा था. उन्होंने अपना काम पूरा किया, जिसके बदले में बादशाह ने उन्हें भाले सुलतान का खिताब दिया. इसी नाम से जिले के पश्चिमी भाग में एक राजपूत जाति आज भी मौजूद है.