मिर्जापुर के नाघाट से पीतल के बर्तन व खाद्यान का होता था कारोबार बंदरगाह की तरह था सिस्टम बंद होने से लोगों की आजीविका प्रभावित जानें

मिर्जापुर के नारघाट से प्राचीन समय में बड़े-बड़े नावों की मदद से कारोबार होता था, यहां पर 30 से 50 ऐसी नावें चलती थीं, जिस पर माल लदकर कोलकाता, वाराणसी, पटना सहित अन्य स्थानों पर जाया करते थे, इसमें पीतल के बर्तन, खाद्यान्न सामग्री सहित अन्य सामान हुआ करते थे. यहां से सामान अलग-अलग जगहों पर जाने के बाद बाजार में बिक्री की जाती थी. समय में बदलाव के साथ ही भले ही नारघाट की उपयोगिता कम हो गई, लेकिन यहां पर मौजूद शिलालेख में नारघाट के प्राचीन इतिहास, यहां के व्यवसायिक गतिविधियों को दर्शाया गया है.

मिर्जापुर के नाघाट से पीतल के बर्तन व खाद्यान का होता था कारोबार बंदरगाह की तरह था सिस्टम बंद होने से लोगों की आजीविका प्रभावित जानें