मोहर्रम में क्यों खास है झांसी का राई का ताजिया जानिए इसका इतिहास और राजा गंगाधर से कनेक्शन

झांसी का राई का ताजिया करीब 200 साल पुरानी परंपरा है, जिसकी शुरुआत राजा गंगाधर राव ने हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की थी. मोहर्रम के दौरान निकलने वाला यह अनोखा ताजिया आज झांसी की गंगा-जमुनी तहजीब और साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है.

मोहर्रम में क्यों खास है झांसी का राई का ताजिया जानिए इसका इतिहास और राजा गंगाधर से कनेक्शन