गाजियाबाद का गोपेश्वर महादेव मंदिर वृंदावन से जुड़ी है कहानी सावन में एनसीआर के भक्त करने आते हैं दर्शन पूरी होती है मान्यता
गाजियाबाद का गोपेश्वर महादेव मंदिर वृंदावन से जुड़ी है कहानी सावन में एनसीआर के भक्त करने आते हैं दर्शन पूरी होती है मान्यता
गोपेश्वर महादेव नाम के पीछे भगवान श्रीकृष्ण की एक अनोखी और दिव्य लीला जुड़ी हुई है. पौराणिक मान्यता के अनुसार जब वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण गोपियों के साथ महारास कर रहे थे. तब भगवान शिव भी उस अद्भुत लीला के दर्शन करना चाहते थे लेकिन महारास में केवल गोपियों को ही प्रवेश की अनुमति थी. ऐसे में भगवान शिव ने यमुना में स्नान कर गोपी का रूप धारण किया और महारास में पहुंचे भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें तुरंत पहचान लिया और प्रेमपूर्वक उन्हें गोपेश्वर यानी गोपियों के ईश्वर की उपाधि दी. तभी से भगवान शिव इस स्वरूप में भक्ति, प्रेम और अपने भक्तों की रक्षा करने वाले देव के रूप में पूजे जाते हैं