Ground Report: घाघरा नदी के कटान से बहराइच के ग्रामीण हुए बेघर घर-खेत गंवाकर जंगल में रहने को मजबूर जंगली जानवरों का खतरा
घाघरा नदी की भयंकर कटान ने जानकीनगर सहित आसपास के कई इलाकों का वजूद मिटा दिया है. बाढ़ और कटान में मकान और खेत बह जाने के बाद ग्रामीणों के पास सिर छिपाने की कोई जगह नहीं बची. तीरथ जैसे कई पीड़ितों का कहना है कि घर-बार और खेत-पात सब घाघरा में समा जाने के बाद मजबूरी में उन्हें पास के घने जंगल में शरण लेनी पड़ी. वहीं 65 वर्षीय बुजुर्ग गंगाराम बताते हैं कि पिछले साल भादव के महीने में अपना सब कुछ छोड़कर जानकीनगर से 3-4 किलोमीटर दूर इस जंगल में आकर तिरपाल और फूस का मकान बनाना पड़ा.