कम-से-कम वादा तो पूरा किया मुफ्त बस यात्रा स्कीम पर हाईकोर्ट में PIL का दांव पड़ा उल्टा चीफ जस्टिस ने की तारीफ

केरल हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील शमीम अहमद एम पी ने मुफ्त बस यात्रा योजना पर कई विधिक सवाल खड़े किए. उन्होंने पीठ को बताया कि यह योजना पूरी तरह भेदभावपूर्ण है. वकील ने दावा किया कि यह योजना संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 के मूल सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन करती है. इसमें महिलाओं और ट्रांसजेंडरों को बिना किसी आय सीमा या आवासीय योग्यता के मुफ्त यात्रा दी जा रही है.

कम-से-कम वादा तो पूरा किया मुफ्त बस यात्रा स्कीम पर हाईकोर्ट में PIL का दांव पड़ा उल्टा चीफ जस्टिस ने की तारीफ